debentures meaning in hindi
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    Debentures in Hindi.
    क्या आप बैंक से ज्यादा लेकिन शेयर बाजार से कम जोखिम ले कर हर साल निश्चित ब्याज कमाना चाहते है ? तो आप डिबेंचर्स में निवेश कर के ऐसा कर सकते है।

    जानिए डिबेंचर्स क्या होते है ? (Debentures Meaning in Hindi)

    और

    कैसे एक सामान्य निवेशक डिबेंचर्स खरीदकर लम्बे समय के लिए एक निश्चित ब्याज प्राप्त कर सकता है ?

    डिबेंचर्स क्या होते है ? (Debentures Meaning in Hindi):

    // अगर आप डिबेंचर्स के बारे में वीडियो के माध्यम  से जानकारी चाहते है, तो Basic Gyan के निचे दिए गए वीडियो के द्वारा ले सकते है। //



    डिबेंचर्स एक तरह का ऋणपत्र है।

    जिस के जरिए कंपनिया अपने व्यापार के लिए आवश्यक पैसा जुटाती है।

    कंपनिया अगर शेयर जारी करना न चाहे तो वह यातो बैंक से लोन ले सकती है या फिर इस तरह के डिबेंचर्स इशू करती है।

    डिबेंचर्स इशू कर के वह निवेशकों से कुछ सालो तक अपने लिए पैसा उधार लेती है।

    इस के बदले में वह निवेशक को निश्चित ब्याज देती है।

    यह ब्याज कंपनिया दो तरीके से दे सकती है यातो हर साल या फिर परिपक़्व होने पर सभी साल का ब्याज और मूल राशि साथ में।

    यह ब्याज कितना होगा , किस तरह मिलेगा और कितने साल के लिए पैसा देना होगा यह सब कुछ डिबेंचर पर लिखा होगा।

    अगर कोई निवेशक लम्बे समय तक हर साल एक निश्चित ब्याज पाना चाहे तो वह डिबेंचर्स में निवेश कर के ऐसा कर सकता है।

    डिबेंचर्स परिपक़्व हो जाने पर वह डिबेंचर्स कंपनीओ को दे कर निवेशक अपना पैसा वापिस पा सकता है।

    अलग अलग डिबेंचर्स की अलग अलग विशेषताए होती है।

    डिबेंचर्स के प्रकार। (Types Of Debentures):


    अलग अलग आधार पर डिबेंचर्स के अलग अलग प्रकार है।


    debentures meaning in hindi 1

    1 . Redeemable और Irredeemable debentures:

     

    इस तरह के प्रकार डिबेंचर्स कितनी अवधि के लिए है उस पर से आए है।

    i. Redeemable debentures meaning in Hindi : 

    इस तरह के डिबेंचर्स किसी निश्चित अवधि के बाद कंपनिया वापिस ले लेती है और निवेशक का पैसा उसे वापिस दे दिया जाता है।

    यह अवधि अलग अलग हो सकती है। उस पूरी अवधि के दौरान निवेशक को निश्चित ब्याज मिलता रहता है।

    अवधि पूरी होने पर मूल राशि मिल जाती है।

    ii. Irredeemable debentures :


    इस तरह के डिबेंचर्स की कोई निश्चित अवधि नहीं होती।

    इस लिए जब तक कंपनिया बंध नहीं हो जाती तब तक निवेशक को सिर्फ ब्याज मिलता रहता है।

    मूल राशि अगर कंपनिया बंध होने के समय बैंक की लोन और बॉन्ड धारको को पैसा चुकाने के बाद अगर पैसा बचता है तभी निवेशक को वापस मिलती है।

    इस लिए इस तरह के डिबेंचर्स में पैसा निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।

    भारत के निवेशकों को इस से डरने की जरुरत नहीं है क्युकी भारत में इस तरह के डिबेंचर्स इशू नहीं किए जाते है।

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    2. Secured और Unsecured debentures :


    इस तरह के डिबेंचर्स उसकी सुरक्षा के आधार पर से आए है।

    i. Secured debentures meaning in Hindi :

    सुरक्षित डिबेंचर्स अपने नाम की तरह ही सुरक्षित होते है।

    यह सुरक्षा कंपनी की किसी संपत्ति के रूप में होती है।

    जैसे बैंक के लिए होम लोन पर घर एक सुरक्षा की तरह काम करता है। अगर बैंक को उसकी लोन की राशि वापिस न मिले तो वह जिस घर के लिए लोन दिया था उसे बेचकर अपना पैसा वापस जुटा सकती है ।

    इसी तरह सिक्योर्ड डिबेंचर्स में कंपनी की कोई संपत्ति सुरक्षा के तौर पर रखी जाती है।

    इस संपत्ति को संभालने के लिए एक ट्रस्टी को दिया जाता है।

    ii. Unsecured debentures :

    असुरक्षित डिबेंचर्स में डिबेंचर्स के इलावा कोई सुरक्षा नहीं होती।

    यानि अगर कंपनी निवेशक का पैसा ले कर भाग जाए तो निवेशक की मूल राशि का नुकसान हो सकता है।

    यह डिबेंचर्स निवेशक डिबेंचर्स इशू करने वाली कंपनी के लाभ देने वाले व्यापर और कंपनी की प्रतिष्ठा के ऊपर खरीदता है।

    3. Registered और Unregistered debentures :


    डिबेंचर्स के यह प्रकार डिबेंचर्स की मलिकी से आए है।

    i. Registered debentures meaning in Hindi :


    रजिस्टर्ड डिबेंचर्स में निवेशक का नाम होता है। और इसकी जानकारी कंपनी के पास रजिस्टर्ड होती है।

    यह कुछ हद तक अकाउंट पेय चेक की तरह होता है।

    जिस व्यक्ति का नाम डिबेंचर्स पर होगा उसे ही ब्याज मिलेगा।

    अगर निवेशक उस डिबेंचर को बेचना चाहे तो उसके लिए उसे कंपनी के द्वारा उसे खरीद दार के नाम पर ट्रांसफर करवाना होगा।

    ii. Unregistered debentures :

    Unregistered डिबेंचर्स में किसी का नाम रजिस्टर्ड नहीं होता।

    यह कुछ हद तक रुपियो की नोट की तरह ही होता है।

    यह डिबेंचर्स जिस के पास होता है वही उसका मालिक कहलाता है।

    और उसे ही ब्याज मिलता है।

    4. Convertible और Non-convertible debentures Meaning in Hindi :


    यह दोनों प्रकार डिबेंचर्स की कन्वर्शन की विशेषता पर से है।

    i. Convertible debentures meaning in Hindi :


    कनवर्टिबल डिबेंचर्स ऐसे डिबेंचर्स होते है जिन्हे निश्चित समय अवधि के बाद शेयर में कन्वर्ट किया जा सकता है।

    किस दाम के शेयर कन्वर्ट होंगे वह भी डिबेंचर पर लिखा होता है।

    इसका लाभ निवेशक तब उठा सकता है जब उस कंपनी के शेयर बहुत उचाई पर हो।

    डिबेंचर्स को शेयर में कन्वर्ट कर के उसे स्टॉक एक्सचेंज पर बेच सकता है।

    ii. Non-convertible debentures meaning in Hindi :


    नॉन कनवर्टिबल डिबेंचर्स ऐसे डिबेंचर्स होते है जिन्हे शेयर में कन्वर्ट नहीं किया जा सकता है।

    इस में निवेशक को सिर्फ ब्याज ही मिलेगा और समय अवधि ख़त्म होने पर मूल राशि वापस मिलेगी।

    अगर निवेशक चाहे तो इसे दूसरे निवेशक को बेच कर ही पैसा वापिस लेना होगा।

    5. Callable और Putable debentures Meaning in Hindi :

     

    i. Callable debentures meaning in Hindi :

    इस तरह के डिबेंचर्स में एक सुविधा है जिस से कंपनिया अगर चाहे तो निश्चित समय के बाद डिबेंचर्स को वापिस ले सकता है।

    और निवेशक को उसका पैसा वापिस दे दिया जाता है।

    ऐसा कंपनी उस वक्त करती है जब कंपनी को डिबेंचर्स के निश्चित ब्याज से कम ब्याज पर बाजार से पैसा मिल सकता हो।

    इस तरह कंपनी अपना ब्याज भुगतान कम कर सकती है।

    ii. Putable debentures meaning in Hindi : 


    इस तरह के डिबेंचर्स में निवेशक के लिए यह सुविधा है की वह निश्चित समय के बाद डिबेंचर्स के परिपक़्व होने से पहले ही कंपनी को डिबेंचर्स वापिस दे सकता है।

    ऐसा निवेशक तब कर सकता है जब निवेशक को डिबेंचर्स में मिलने वाले ब्याज से ज्यादा ब्याज बाजार में मिल रहा हो।

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    6. Fixed और Floating Rate Debentures Meaning in Hindi:


    डिबेंचर्स के यह प्रकार उसमे मिलने वाले ब्याज के प्रकार से आए है।

    i. Fixed rate debentures meaning in Hindi :

    फिक्स्ड रेट डिबेंचर्स में मिलने वाला ब्याज का प्रतिशत निश्चित अंक में होता है जैसे 8 % या 10 % आदि।

    इस से परिपक्वता अवधि तक निवेशक को निश्चित दर से ब्याज मिलता रहता है।

    अगर आने वाले समय में ब्याज दर कम हो तो इस से कंपनी को नुकसान हो सकता है।

    ii. Floating rate debentures :


    फ्लोटिंग रेट डिबेंचर्स में मिलने वाला ब्याज निश्चित नहीं बल्कि किसी बेंचमार्क से लिंक किया हुआ होता है।

    जैसे मिलने वाला ब्याज MIBOR + 2 % हो सकता है।

    MIBOR एक बेंचमार्क है जिसका नाम है Mumbai Interbank Offer Rate.

    इस ब्याज दर पर मुंबई के बैंक एक दूसरे से ली गई लोन का ब्याज देते है।

    यह ब्याज परिस्थिती के अनुसार बदलता है और इसके बदलने से फिक्स्ड रेट डिबेंचर्स का ब्याज भी बदलता रहता है।

    इस तरीके से ब्याज अपना संभावित निक्सन कम कर सकती है।

    इन सभी प्रकारो में से निवेशक अपने लिए जरुरी डिबेंचर्स खरीद कर निश्चित ब्याज पा सकता है।

    Debentures से जुड़े सवाल और उसके जवाब :

    डिबेंचर्स का मतलब क्या होता है?

    डिबेंचर्स एक तरह का ऋणपत्र है। जिस के जरिए कंपनिया अपने व्यापार के लिए आवश्यक पैसा जुटाती है। हमने इस post मे इसके बारे मे विस्तार से जानकारी दी है।

    डिबेंचर्स कितने प्रकार के होते है?

    डिबेंचर्स रीडिमेबल – नॉन रीडिमेबल, कन्वर्टिबल – नॉन कन्वर्टिबल, रजिस्टर्ड – अनरजिस्टर्ड जैसे कई प्रकार के होते है। इन सबके बारे मे आपको इस पोस्ट मे जानकारी मिल जाएगी।

    निष्कर्ष :

    तो दोस्तो यह थी Debentures Meaning in Hindi के बारे में पूरी जानकारी।

    उम्मीद करता हु दोस्तों की आपको यह जानकारी उपयोगी साबित हुई होगी।

    दोस्तों अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे Social Media में Share करना न भूले।

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    By Gaurav

    Gaurav Popat एक निवेशक, ट्रेडर और ब्लॉगर है, जो की शेयर बाज़ार मे बहुत रुचि रखता है। वह साल 2015 से शेयर बाज़ार मे है। पिछले 7 साल मे खुद अलग अलग जगह से सीख कर और अनुभव के आधार पर शेयर बाज़ार और निवेश के विषय मे यहा पर जानकारी देता है।