swp in mutual funds in hindi
दोस्तो हम सब लोग SIP यानी की Systematic Investment Plan के बारे मे तो पहले ही जान चुके है। अगर निवेश का तरीका Systematic हो तो निवेश करने वाला व्यक्ति लालच या डर मे नहीं फसता है और साथ ही लंबे समय तक निवेश करता रहता है। जिसका फल उसे कुछ सालो के बाद मिले हुए रिटर्न के रूप मे मिलता है।

 

आज हम आपको बताएँगे की “SWP (Systematic Withdrawal Plan) क्या होता है ?” और किस तरह की व्यक्ति के लिए यह विकल्प एक बहुत बढ़िया विकल्प साबित हो सकता है।

 

हम सब ये बहुत ही अच्छी तरह जानते है की जब लोग रिटायर(निवृत) हो जाते है तब उनमे से ज्यादातर अपनी रिटायरमेंट के लिए जमा राशि बैंक में रखते है, जिसमें से वो अपना खर्च चला सके और उन्हें सुरक्षा भी मिल सके। लेकिन वो एकमुश्त पैसा सिर्फ बैंक में पड़े रहने की वजह से उस पैसे में सिर्फ 3 से 4 प्रतिशत तक ब्याज मिलता है जो की महंगाई को भी कवर नहीं कर सकता।

 

इसी समस्या को सुलझाने के लिए एक समाधान के तौर पर म्यूच्यूअल फंड में एक सुविधा है जिसे ‘सिस्टेमेटिक विथड्रावल प्लान‘ कहते है।

 

SWP क्या होता है ?

SWP की सुविधा SIP (systematic investment plan) से बिलकुल विरुद्ध होती है।

 

जहा हम SIP में हर महीने एक निश्चित राशि को निवेश करते है वही SWP में नियत की गई समय सिमा में नियत की गई राशि को म्यूच्यूअल फंड से निकाला जाता है।

 

इसी वजह से SWP की सुविधा एक रिटायर (निवृत) होने जा रहे व्यक्ति के लिए लाभकरी होती है। क्योकि रिटायर होने पर मिली हुई एकमुश्त राशि को वो कोई म्यूच्यूअल फंड में निवेश कर SWP की सुविधा से अपनी जरुरत के अनुसार राशि और समय सिमा तय कर सकते है, जिस से उन्हें तय की गई अवधि में तय की गई राशि मिलती रहेगी और बाकि का पैसा निवेश किया हुआ रहे ताकि उन पैसो पर अच्छा ब्याज मिल सके।

 

Debt या Balanced fund में ही करे SWP :

वैसे तो SWP की सुविधा सभी तरह के म्यूच्यूअल फंड्स में होती है। लेकिन एक रिटायर होने जा रहे निवेशक के लिए किसी debt या फिर balanced fundsमें ही निवेश करना ज्यादा सुरक्षित और लाभकारी है।

 

क्योकि इक्विटी फंड में निवेश करने पर रिस्क ज्यादा होता है। और अगर कभी बाज़ार मे मंदी के कारण Mutual Funds की NAV भी कम हो चुकी हो और तभी निवेशक को पैसा withdraw करना हो तो उन्हे नुकसान सहना पड़ सकता है। लेकिन Debt या फिर Balanced Funds मे एसा नहीं होता है।

 

क्यूकी Debt Fund में या फिर Balanced Fund में ही तय की गई अवधि पर निवेशक को तय की गई राशि मिलती रहती है जिस से की उनका खर्च चलता रहता है।

 

इस तरीके से निवेशको को रिटायरमेंट के बाद की मिली हुई पूरी एकमुश्त राशि को सिर्फ बेंक अकाउंट मे रखे रखना नहीं पड़ता है। साथ ही तय की गई अवधि पर उनका खर्च चलाने के लिए रकम भी मिलती रहती है। इस वजह से SWP या फिर Systematic Withdrawal Plan किसी भी retire होने वाले व्यक्ति के लिए एक अच्छा विकल्प बन सकता है।

 

उम्मीद करता हु दोस्तों की आपको समझमे आ गया होगा की ‘SWP (systematic investment plan) होता है ?
यदि आपको यह समझने में कुछ परेशानी हुई होतो आप मुझे Comment Box में बता सकते है, में आपको समझाने का पूरा प्रयाश करूँगा।

 

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Note : यहाँ पर सिर्फ SWP के बारे मे सुजाव ही दिया गया है। हम किसी को भी निवेश की सलाह नहीं दे रहे है। कृपया अपना कोई भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह जरूर ले।
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By Gaurav

Gaurav Popat एक निवेशक, ट्रेडर और ब्लॉगर है, जो की शेयर बाज़ार मे बहुत रुचि रखता है। वह साल 2015 से शेयर बाज़ार मे है। पिछले 7 साल मे खुद अलग अलग जगह से सीख कर और अनुभव के आधार पर शेयर बाज़ार और निवेश के विषय मे यहा पर जानकारी देता है।