adani green debt news hindi

    Adani Group की कंपनी Adani Green पर कर्ज़ के बारे मे अभी खबरे चल रही है। जिसके मुताबिक कंपनी पर कर्ज़ काफी ज्यादा है। इसके अलावा भी इस Group मे 3 और कंपनियाँ है जिन पर भी कर्ज़ ज्यादा है। आज हम आपको इन कंपनियो के कर्ज़ के बारे मे ही जानकारी देंगे। तो चलिए जान लेते है कौनसी है यह कंपनियाँ?

     

    Adani Green के अलावा कर्ज़ के बौज़ से घिरी है Adani Group की यह 3 कंपनियाँ  :

    कर्ज़ के बौज़ तले घिरी Adani Group की कंपनियो मे से पहले नंबर पर तो Adani Green Energy ही है। लेकिन बाकी की तीन कंपनियो मे Adani Power, Adani Transmission और Adani Enterprises सामील है।

     

    Adani Green Energy पर कर्ज़ : 

    अगर अभी Adani Green Energy पर अभी के कर्ज़ के बारे मे बात करे तो अभी कंपनी पर करीब 52832 करोड़ रुपए का कर्ज़ है। जिसके मुक़ाबले कंपनी के पास Reserves Surplus और शेयर केपिटल मिलाकर कुल 1190 करोड़ रुपए की Equity मतलब की खुद का पैसा है। मतलब की कंपनी के पास 1 रुपए खुद के है तो 44 रुपए कर्ज़ के है। जो की बहुत ही ज्यादा कर्ज़ है।

     

    Adani Power पर कर्ज़ : 

    Adani Power पर अभी करीब 48744 करोड़ रुपए का कर्ज़ है। जबकि कंपनी के पास Reserves Surplus और शेयर केपिटल मिलाकर कुल 3870 करोड़ रुपए की Equity है। मतलब की कंपनी के पास 1 रुपए खुद के है तो 12 रुपए से ज्यादा कर्ज़ का पैसा है। हालांकि Power Sector मे काम करने वाली सभी कंपनियो पर कर्ज़ होता ही है। लेकिन खुद के पैसो से 12 गुना कर्ज़ Power Sector के लिए भी बहुत ज्यादा कहा जा सकता है।

     

    Adani Transmission पर कर्ज़ : 

    अगर Adani Transmission के बारे मे बात करे तो अभी कंपनी पर करीब 29902 करोड़ रुपए का कर्ज़ है। जबकि कंपनी के पास कुल Equity करीब 6857 करोड़ रुपए की है। मतलब की कंपनी के पास खुद के पैसो से करीब 4.36 गुना ज्यादा कर्ज़ का पैसा है। इस कर्ज़ को भी ज्यादा कहा जा सकता है।

     

    Adani Enterprises का कर्ज़ : 

    कर्ज़ की बात Adani Enterprises के लिए की जाए तो अभी 41604 करोड़ रुपए का कर्ज़ है। जबकि कंपनी के पास खुद का पैसा करीब 20439 करोड़ रुपए है। मतलब की कंपनी के पास खुद के पैसो से दुगना पैसा कर्ज़ का है।

    वैसे तो कोई भी कंपनी अपने business के लिए कर्ज़ लेती है उसका उपयोग business बढ़ाने के लिए हो जाता है। लेकिन अगर इस कर्ज़ को एक limit मे रखे तभी कंपनी पर कर्ज़ का बौज़ नहीं बढ़ेगा। अगर कंपनी पर कर्ज़ का बौज़ ज्यादा होगा तो उसे ब्याज भी उतना ही ज्यादा देना पड़ेगा और जब भी कभी Business मे मंदी आयी और अगर कंपनी कर्ज़ के ब्याज जितना भी पैसा नहीं कमा पाई तो वह कर्ज़ के दुष्चक्र मे फस सकती है। जो की इसके शेयर धारको के लिए बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है क्यूकी इसकी वजह से कंपनी के शेयर मे भी भारी गिरावट देखने को मिलेगी।

    Note : यहाँ पर लिए गए किसी भी शेयर के नाम सिर्फ आपको जानकारी देने के लिए ही है। हम किसी भी कंपनी मे निवेश करने की सलाह नहीं दे रहे है। 

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    By Gaurav

    Gaurav Popat एक निवेशक, ट्रेडर और ब्लॉगर है, जो की शेयर बाज़ार मे बहुत रुचि रखता है। वह साल 2015 से शेयर बाज़ार मे है। पिछले 7 साल मे खुद अलग अलग जगह से सीख कर और अनुभव के आधार पर शेयर बाज़ार और निवेश के विषय मे यहा पर जानकारी देता है।