epf in hindi
    Rate this post

    EPF in Hindi

    ज्यादातर लोग PF और EPF को समान मानते है। लेकिन ऐसा नहीं है।

    दरसल PF कोई निश्चित नाम नहीं है। EPF, PF का एक भाग है।

    EPF के अलावा PF में  EPS और EDLI भी सामिल है। EPF in Hindi

    आज हम PF के बारे में पूरी जानकारी लेंगे। EPF in Hindi


    जैसे की EPF क्या होता है ?


    EPS क्या होता है ? EPF और EPS में क्या अंतर है ?

    EPF और EPS दोनों में कितना पैसा जमा होता है ? दोनों में से पैसे कब और कितने निकाल सकते है। 


    हर एक कर्मचारी के वेतन में से हर महीने EPF कटता है, उसके बाद ही उसे अपना वेतन बैंक खाते के जरिए मिलता है। EPF in Hindi


    इसके बारे में आपकी ‘सैलरी स्लिप‘ में बताया जाता है। EPF in Hindi


    इस लिए हर एक कर्मचारी को ये जान लेना आवश्यक है, की EPF क्या होता है ? EPF क्यों कटता है ? 


    इससे उसे क्या लाभ है ? EPF in Hindi


    तो आइए EPF के बारे में जानते है। 

     

    EPF in Hindi (EPF क्या है ?) :


    EPF यानी कर्मचारी भविष्य निधि, भारत सरकार द्वारा 1952 में शुरू की गई एक योजना है।

    जिसमे कर्मचारी के रिटायरमेंट की बचत के लिए पैसे जुटाए जाते है। EPF in Hindi


    जिसके तहत हर एक कर्मचारी अपने वेतन में से कुछ प्रतिशत और उस कर्मचारी का नियोक्ता (Employer) अपनी तरफ से कर्मचारी के वेतन का कुछ प्रतिशत योगदान करता है।


    नियमो के अनुसार हर वो कंपनी जिसमे 20 से ज्यादा कर्मचारी है उसे यह योजना में अपने कर्मचारियों के लिए योगदान देना जरुरी है। EPF in Hindi


    इस योजना को संभालने का काम EPFO (Employees’ Provident Fund Organization) करता है। EPF in Hindi


    EPF में निवेश किया गया पैसा EPFO द्वारा सरकारी निवेश के विकल्प जैसे कि बॉन्ड्स  या फिर सिक्योरिटीज में निवेश किया जाता है । EPF in Hindi


    इसके जरिए मिलने वाला ब्याज हर साल बदलता है । EPF in Hindi


    यह ब्याज निवेश  के द्वारा मिले हुए ब्याज में से निवेश के लिए किया गया खर्च घटाकर दिया जाता है।


    साल 2017 – 2018 में यह ब्याज दर 8.55 प्रतिशत था जो हाल ही में EPFO द्वारा साल 2018 – 2019 में 8.65 प्रतिशत किया गया है।

     

    EPS क्या है ?EPF in Hindi


    EPS यानी कर्मचारी पेंशन स्कीम 1955 में शुरू की गई योजना है। EPF in Hindi

    जिसके अंतरगत हर वो कंपनी जिसके पास 20 से ज्यादा कर्मचारी है , उसे अपने कर्मचारी के रिटायरमेंट के बाद पेंशन के लिए कुछ पैसे कर्मचारी के वेतन के कुछ प्रतिशत तक करना होता है।


    इस में सिर्फ Employer ही योगदान देता है , जिसके बाद जमा की हुई राशि से रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी को पेंशन मिलता है। EPF in Hindi


    यह पेंशन उसे 58 वर्ष की आयु के बाद ही मिलता है।

     

    EDLI क्या होता है ?EPF in Hindi


    EDLI यानी Employee Deposit Linked Insurance एक बिमा योजना है।

    जो हर एक व्यक्ति जो की निजी कंपनीओ में काम करता है उसके लिए अनिवार्य बनाया गया है।


    इसे 1976 से लागु किया गया था। EPF in Hindi


    यह EPF और EPS से जुड़कर ही काम करती है।


    EDLI में कर्मचारी को कुछ योगदान नहीं देना पड़ता। EPF in Hindi


    इसमें आपका Employer आपके वेतन और महंगाई भथ्था मिलकर उसके 0.5 % और अधिकतम 75 रूपए हर महीने योगदान देता है। EPF in Hindi


    EDLI हर वो व्यक्ति जिसका बेसिक वेतन 15 हजार से कम है उसकी मौत पर उसके परिवार को पैसा मिलेगा।


    उसके साथ 1,50,000 रुपए का बोनस भी मिलेगा। EPF in Hindi


    इसकी गणना : 


    (कर्मचारी का एक महीने का वेतन (अधिकतम 15 हज़ार)) x (30) + बोनस (1,50,000) इस तरह कुल 6 लाख तक मिलता है।

    यदि कर्मचारी का बेसिक वेतन 15 हज़ार से ज़्यादा है तो भी उसे अधिकतम 6 लाख तक ही मिलेंगे।

     

    EPF और EPS में योगदान कितना होता है ?


    EPF में कर्मचारी द्वारा अपने बेसिक वेतन और महंगाई भथ्था (DA) को मिलकर उसका 12 प्रतिशत का योगदान किया जाता है।

    यह पैसा आपके वेतन में से पहले से ही काट लिया जाता है उसके बाद ही आपके बैंक खाते में वेतन जमा होता है।

    EPF in Hindi


    इसके आलावा EPF में आपके Employer की तरफ से आपके बेसिक वेतन और महंगाई भथ्था (DA) को मिलकर उसका 3.67 प्रतिशत योगदान दिया जाता है।


    यानी आपके EPF में आपके बेसिक वेतन और महंगाई भथ्था (DA) को मिलकर उसका कुल 15.67% जमा किया जाता है।


    EPS में आपकी यानी कर्मचारी की ओर से तो कुछ योगदान नहीं दिया जाता।


    लेकिन आपके Employer की ओर से आपके बेसिक वेतन और महंगाई भथ्था (DA) को मिलकर उसका 8.33 प्रतिशत योगदान दिया जाता है।


    इस तरह आपके द्वारा 12 प्रतिशत सीधा EPF तथा आपके Employer के द्वारा 3.67 % EPF में और 8.33 % EPS में योगदान दिया जाता है।


    कुछ कंपनीओ में आपके EPF में आपके द्वारा 12 के बदले 10 प्रतिशत और आपके Employer के द्वारा EPF में 3.67 के बदले 1.67 % हो सकता है।


    लेकिन EPS में तो 8.33 % का योगदान रहेगा ही।

     

    इन कंपनीओ में

    • कंपनिया जो पहले से ही PF की सुविधाए देती है मगर अब उनके पास 20 से कम कर्मचारी है।
    • कंपनिया जिनको बोर्ड ऑफ़ इंडस्ट्रीज़ और  फाइनेंसियल रिकंस्ट्रक्शन के द्वारा बीमार (Sick) घोषित किया गया हो।
    • जिनका वित्तीय वर्ष का नुकसान उस कंपनी की कुल संपत्ति के बराबर या फिर उस से ज्यादा हुआ हो। 
    • कंपनियां जो की जुट , बीड़ी , ईंट कोइर तथा गुआर गम बनाती है।

    शामिल है।

    इस तरह हर वो कर्मचारी जिसकी कंपनी में 20 से अधिक कर्मचारी है उन्हें अपनी रिटायरमेंट के लिए बचत तथा पेंशन की व्यवस्था हो जाती है।


    आपको एक जरुरी बात जरूर जान लेनी चाहिए की आपको EPF में जमा किए हुए पैसो पर तो ब्याज मिलता है।


    लेकिन EPS में जमा किए हुए पैसो पर कोई ब्याज नहीं मिलता।


    अब अगर इतनी राशि एक साथ रिटायरमेंट के वक्त आने पर अगर उसमे टैक्स लग जाए तो बड़ी दिक्कत हो जाती है।


    इस लिए जान लीजिए की आने वाली राशि में टैक्स किस प्रकार लगता है।

     

    EPF में टैक्स लाभ कितना है ?


    EPF में आपके Employer द्वारा किया गया योगदान तो पूरा टैक्स फ्री होता है।

    लेकिन आपके द्वारा किए गए योगदान के लिए आप सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख तक ही टैक्स लाभ उठा सकते है।


    और यदि आप कम से कम 5 साल के बाद EPF का पैसा निकालते है तो वह पैसा पूरा टैक्स फ्री रहेगा।


    आप आपके EPF में जमा हुए बॅलन्स को भी चेक कर सकते है।

     

    EPF बैलेंस कैसे देखे ?


    EPF का बैलेंस आप तीन तरीके से देख सकते है।

    • Online Passbook के द्वारा, 
    • SMS के द्वारा अपनी भाषा में  
    • Missed Call के द्वारा।

    लेकिन EPF का बॅलन्स देखने के लिए आपको अपना UAN (Universal Account Number) एक्टिवेट करना पड़ेगा।

    UAN एक यूनिवर्सल नंबर है जोकि हर एक EPFO के सदस्य के लिए है।

    अपना UAN कैसे Active करे ?


    निचे सीए गए स्टेप्स को फॉलो कर के आप अपना UAN एक्टिवेट कर सकते है।

    1. इस लिंक पर जाए – UAN Enable Page

    2. अब आपके सामने आए हुए पेज में दाई ओर निचे ‘Important Links‘ के बॉक्स में दिए गए ‘Activate UAN‘ पर क्लिक करे।

    3. अब आपके सामने UAN एक्टिवेट करने का फॉर्म आ जाएगा।

    4. फिर इस फॉर्म में से ‘Enter Member ID‘ को select करे।

    5. अब अपने Employer का PF जिस राज्य में और PF office Select कर ले।

    { यदि आपको अपने Employer का PF कौनसे राज्य में और कौनसी Office में है यह नहीं पता है तो आप निचे दिए गए लिंक में जाकर ढूंढ सकते है।

     

    i. इस लिंक पर जाए – Employer का PF यहाँ से ढूंढे

    ii. अब अपनी कंपनी का नाम लिखे और Captcha निचे दिए गए Box में भरे , और Submit करे।


    iii. अब आपके सामने आपकी कंपनी की PF कौनसे राज्यों में रजिस्टरड है उसकी जानकारी मिल जाएगी।


    उसमे से अपना राज्य चुने और फिर उसकी ऑफिस ढूंढे। 


    इसके लिए आप अपनी Salary Slip में दिए गए PF नंबर में दिए गए पहले Alphabets का प्रयोग कर सकते है।


    ex . PF number इन Salary Slip – GJ/AHD/658312/3


    इसमें से GJ यानी गुजरात है और AHD यानी अहमदाबाद है , तो आपको गुजरात के अहमदाबाद में जो ऑफिस है उसके सामने दिए गए view details पर क्लिक करना पड़ेगा।


    जिसके बाद आपको सामने आपके Employer के PF की सारी जानकारी मिल जाएगी

    }

    6. अब आपको आपकी कंपनी का Est id और आपका Member Id भरना पड़ेगा , जोकि आपकी Salary Slip में दिए गए PF नंबर में होगा।


    ऊपर दिए गए उदाहरण में Est id – ‘658312‘ है और Member id – ‘3‘ है।


    7. Est Ext में ज्यादातर संजोगो में 0 ही आता है।


    8. अब अपना नाम , जन्म तारीख , मोबाइल नंबर , ईमेल और दिखाया गया Captcha कोड भरे और ‘Get Authentication Pin‘ बटन पर क्लिक करे।


    9. अब आपके मोबाइल पर एक OTP आएगा उसे दिए गए बॉक्स में लिख कर ‘Valid OTP and Activate UAN‘ बटन पर क्लिक करे।


    10. अब आपको UAN नंबर और पासवर्ड Generate हो जाएगा। जिसे संभाल कर रख ले।


    अपना PF बॅलन्स इन तीन तरीके से चेक करे।

     

    1. Online Passbook Download कर के :


    इसके लिए आपको इस लिंक पर जाना पड़ेगा – UAN Login Page

    इसके बाद वहा पर अपना UAN नंबर, पासवर्ड और दिया गया Captcha भर कर Sign In करे।


    अब आपके सामने आपका UAN का पेज खुलेगा।


    जिसमे आपको तीन विकल्प मिलेंगे जिसमे View Passbook , UAN Card और Account Setting मिलेगा।


    इसमें से View Passbook के निचे दिए गए More Info पर क्लीक करे।


    अब आपके सामने आपकी पासबुक को डाउनलोड करने के लिए लिंक मिल जाएगी।


    उस पर क्लिक कर के डाउनलोड कर ले।


    उसमे आपके PF की बॅलन्स होगी।

     

    2. SMS के द्वारा अपनी भाषा में :


    आप SMS के द्वारा भी अपनी भाषा में PF का बॅलन्स मंगवा सकते है।

    इसके लिए आपको UAN में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ‘7738299899‘ पर ‘EPFOHO UAN‘ SMS भेजना पड़ेगा।


    UAN के स्थान पर आपको अपना UAN नंबर लिखना है।


    यदि आप ENG के बदले अन्य भाषा में ये सन्देश मंगवाना चाहते है तो आपको ‘ EPFOHO UAN GUJ‘ इस तरह से सन्देश भेजना पड़ेगा।


    इस में GUJ के स्थान पर आपको जिस भाषा में PF का बॅलन्स मंगवाना है उस भाषा के पहले तीन अक्सर लिखने होंगे।


    इसमें कुल 10 भाषाओ में से किसी में आप PF मंगवा सकते है।


    जिन में

        1. English – Default
        2. Hindi – HIN
        3. Punjabi – PUN
        4. Gujarati – GUJ 
        5. Marathi – MAR 
        6. Kannad – KAN
        7. Telugu – TEL 
        8. Tamil – TAM
        9. Malayalam – MAL
       10.Bengali – BEN

    सामिल है।

     

    3. Missed Call के द्वारा :


    आप अपने UAN में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 011-22901406 पर Missed Call के द्वारा भी PF का बॅलन्स मंगवा सकते है। EPF in Hindi

    लेकिन उसके लिए आपको UAN की पोर्टल में जाकर PAN या AADHAR या फिर BANK के लिए KYC भरना पड़ेगा। EPF in Hindi

    KYC Update ऐसे करे :


    KYC Update करने के लिए आप – UAN Login Page पर जा कर लॉगिन करे।

    उसके बाद उस पेज में एक ‘Manage‘ का बटन होगा जिस में KYC का विकल्प होगा उस पर क्लिक करे।


    अब आपके सामने एक लिस्ट खुल जाएगा जिसमे आप अपने KYC की जानकारी भर ले।


    जैसे Aadhar Card की KYC के लिए अपना Aadhar Number और उसमे जिस तरह आपका नाम दिया गया है उस ही तरह अपना नाम भरे और Save के बटन करे।


    इसके बाद कुछ दिनों तक इंतजार करे जब आपका KYC verify हो जाएगा।


    उसके बाद आप ऊपर दिए गए नंबर पर मिस्ड कॉल से भी अपना PF बॅलन्स मंगवा सकते है।


    इस तरह आप अपना PF बॅलन्स जान सकते है। 
    EPF in Hindi

     

    किन संजोगो में PF से पैसा निकाल सकते है ?


    कुछ कारणों से आप रिटायरमेंट से पहले भी पैसा निकाल सकते है। EPF in Hindi

     1. अगर आपकी नौकरी छूट गई है और कम से कम आप दो महीने से बेरोजगार है तब अपने PF का पैसा निकाल सकते है। (पुराना नियम


    [ दिसंबर 2018 के बाद यह नियम बदल गया है। 


    अब आपकी नौकरी छूटने के कम से कम एक महीने या उस से ज्यादा समय तक बेरोजगार रहने पर भी पैसा निकाल सकते है। 


    एक महीने बेरोजगार रहने के बाद जमा राशि का 75 % तक पैसा निकाल सकते है। 


    इतना पैसा निकाल ने के बाद भी आप EPF के सदस्य रहेंगे। 


    और दो महीने बेरोजगार रहने के बाद आप बाकि 25% पैसा निकाल सकते है। 


    बाकि राशि निकालने के बाद आपका खाता बंद हो जाएगा। ]   


    इसके लिए यहाँ पर जाए : नौकरी छूट गई .


     2. अगर आपकी नौकरी चालू है तो कम से कम EPF में 5 साल होने के बाद ही आप पैसा निकाल सकते है। इसके लिए यहाँ पर जाए : नौकरी चालू है.


    3. यह पैसा भी कोई जरुरी कारण के लिए ही निकाल सकते है। EPF in Hindi


    4. जैसे की बच्चो की शिक्षा के लिए , नया घर बनाने के लिए , फ्लैट खरीदने के लिए , आपकी कोई गंभीर बीमारी के लिए या फिर बच्चो की शादी के लिए।


    5. कोई शारीरिक विकलांगता के कारण नौकरी छोड़नी पड़े तब भी अपना आपका PF का पैसा निकाल सकते है , इसके लिए यह लिंक पर जाए : शारीरिक विकलांगता


    6. मौत के बाद नॉमिनी पैसा इन फॉर्म को भर कर निकाल है : After Death

     

    EPF में नॉमिनेशन कैसे होता है ?


    EPF में आप अपने माता , पिता , बच्चो या फिर पति या पत्नी को नॉमिनी बना सकते है। 

    लेकिन आप अपने भाई या बहन को नॉमिनी नहीं बना सकते है।


    जमा हुआ पैसा आपके बाद आपने जिस जिस को नॉमिनी बनाया है उसे मिलेगा। 


    आप अपने EPF का पैसा सभी में बाँट भी सकते है। EPF in Hindi


    EPF में आपको पहली नौकरी मिलते ही अपना नॉमिनी जरूर जोड़ना चाहिए। EPF in Hindi

    ताकि आपके बाद आपके परिवार को कोई दिक्कत न आए और नॉमिनी को आपके पैसे मिल जाए।

    आपकी शादी के बाद आपको नॉमिनी को अपडेट भी करना पड़ता है। EPF in Hindi

    नॉमिनी आप दो तरीको से जोड़ सकते है। 
     EPF in Hindi

    1.Offline Form के द्वारा :


    नॉमिनेशन के लिए ऑफलाइन आवेदन के लिए आपको Form 2 भरना पड़ेगा। यह फॉर्म आप इस लिंक से डाउनलोड कर सकते है : Download Form 2

    इसके बाद आपको इस फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारिया जैसे आपका नाम और आपकी जानकारी तथा आपके नॉमिनी का नाम और उनकी जानकारी भरनी है।


    फिर उसे अपने Employer से सील लगवा कर PF ऑफिस में जमा करनी है। EPF in Hindi

    यदि आप यह सब कुछ नहीं करना चाहते तो आप सीधा ऑनलाइन भी अपना नॉमिनी जोड़ सकते है। EPF in Hindi

    2. Online EPFO में login के द्वारा :


    ऑनलाइन नॉमिनी जोड़ने के लिए आपको EPFO में login करना पड़ेगा।

    • ऊपर दिए गए EPFO के लिंक पर क्लिक करे। EPF in Hindi
    • इसके बाद आपके सामने UAN के द्वारा लॉगिन का पेज खुलेगा।
    • यहाँ पर अपना UAN नंबर और पासवर्ड तथा दिया गया Captcha लिख कर Sign in कर ले।
    • Sign In हो जाने के बाद उस पेज में एक ‘Manage‘ का मेनू दिखेगा उस में ‘E-NOMINATION‘ का एक विकल्प मिलेगा। उस पर क्लिक करे।
    • अब आप के सामने Family Declaration का पेज आएगा। EPF in Hindi
    • उसमे Do you have a family पर ‘No‘ को हटा कर ‘Yes‘ कर दीजिए।
    • उसके बाद आपको अपने परिवार के सदस्यों के सही आधार कार्ड की जानकारी जोड़नी पड़ेगी।
    • आप जितने चाहे उतने परिवार के सदस्यों को जोड़ सकते है।EPF in Hindi
    • बाद में ‘Save Family Details‘ पर क्लिक कर के Save कर ले।
    • परिवार के सदस्यों को जोड़ने के बाद EPF Nomination में दिए गए ‘Total Percentage Of Share‘ के बॉक्स में जा कर आप किस को कितने प्रतिशत पैसा मिलेगा वह जोड़ सकते है।
    • इसके बाद ‘Save EPF Nomination‘ पर क्लिक कर दे। EPF in Hindi
    • जिस से आपका नॉमिनेशन Save हो जाएगा।

     

    नौकरी बदलते वक्त क्या होगा ? EPF in Hindi


    नौकरी बदलते वक्त आपको अपना EPF निकालने की जरुरत नहीं पड़ेगी।

    आप अपने UAN नंबर के द्वारा EPF ट्रांसफर कर सकते है। EPF in Hindi


    जीसके लिए आपको Form 13 भरना पड़ेगा।

    EPF in Hindi

    PF के लाभ क्या है ?


    EPF के द्वारा रिटायरमेंट के लिए अच्छी राशि जमा हो जाती है।

    EPS की वजह से रिटायरमेंट के बाद पेन्शन मिलती रहती है।


    EPF के पैसो में टैक्स लाभ मिलता है यदि पांच साल के बाद निकाले जाए तो।


    नौकरी चालू होने पर भी 58 वर्ष की आयु के बाद पेन्शन शुरू कर सकते है , इसके लिए यहाँ पर जाए : पेन्शन चालू करे

    शारीरिक विकलांगता के कारण नौकरी छोड़ने पर पेंशन शुरू किया जा सकता है , इसके लिए यहाँ पर जाए : शारीरिक विकलाँगता


    उम्मीद करता हु दोस्तों की आपको EPF के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से मिल गई होगी।


    अगर आपको हमारी यह जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर share करे।

    अगर आप शेयर बाज़ार से जुड़ी एसी ही जानकारी की Update free मे चाहते है, तो नीचे दिए गए Blue Color के (Subscribe to Updates) के Button को Click करके जो स्क्रीन खुलेगी उसमे yes का विकल्प select कर दीजिए।

    By Gaurav

    Gaurav Popat एक निवेशक, ट्रेडर और ब्लॉगर है, जो की शेयर बाज़ार मे बहुत रुचि रखता है। वह साल 2015 से शेयर बाज़ार मे है। पिछले 7 साल मे खुद अलग अलग जगह से सीख कर और अनुभव के आधार पर शेयर बाज़ार और निवेश के विषय मे यहा पर जानकारी देता है।