insolvency meaning in hindi
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    Insolvency Meaning in Hindi

    आपने कई बार Tv Channels और अखबारों में सुना होगा की कोई कंपनी की Insolvency की कगार पर पहुंच गई है।

    लेकिन ज्यादातर लोगो को Insolvency का सही मतलब नहीं पता होता।

    आज हम Insolvency के बारे में ही जानेंगे।

    हम जानेंगे की Insolvency क्या है ? कंपनीयां Insolvent क्यु हो जाती है ? और

    कंपनी के Insolvent हो जाने से उसके शेयर धारक पर क्या असर होगा ?

    पहले जान लेते है, की

     

    इंसोल्वंसी या दिवालियापन क्या है ? (Insolvency Meaning in Hindi)

     

    किसी कंपनी या व्यक्ति के Insolvent हो जाने का मतलब है, उसका अपना क़र्ज़ चूका पाने की स्थिति में न होना।

    ऐसा तब होता है, जब कंपनी या व्यक्ति के Assets उसकी Liabilities से कम हो जाते है।

    Assets यानी संपत्ती और Liabilities का मतलब है, दायित्व। Insolvency Meaning in Hindi

    Insolvency के वक्त में कंपनी या व्यक्ति इस स्थिति में नहीं होता की वह अपने सभी दायित्व चूका सके।

     
    जैसे आपके ऊपर 1 करोड़ का कर्ज़ है, लेकीन आपकी सभी संपती मिलकर भी 60 लाख ही हो रही है, तो आप अभी इस इस स्थिति मे नहीं है, की आप अपना पूरा कर्ज़ चुका सके।
     
    ऐसा ही कुछ कंपनीओ के साथ भी हो सकता है।
     

    कंपनीयां Insolvency की स्थिति में कब पहुंच जाती है ?

     

    हम यह जानते है, की कंपनीयां अपने व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए क़र्ज़ लेती रहती है और इस क़र्ज़ के बदले में उन्हें निश्चित प्रतिशत का ब्याज देना पड़ता है।

    जब तक किसी भी कंपनी का यह क़र्ज़ लिमिट में होता है, तब तक उसे कोई फर्क नहीं पड़ेगा, लेकीन कुछ कंपनीयां लिमिट से बहुत ज्यादा क़र्ज़ ले लेती है। Insolvency Meaning in Hindi

    ऐसी कंपनीओ को जब तक उसका व्यापार अच्छे से चल रहा है, तब तक कोई समस्या नहीं होती।

    लेकिन जब उनका व्यापार कमजोर होता है, तब ऐसा हो सकता है, की वह क़र्ज़ का ब्याज देने लायक पैसा भी न कमा सके, ऐसे में कंपनी को अपने कुछ Assets बेचकर क़र्ज़ चुकाना पड़ सकता है।

    लेकीन अगर कंपनी ने अपने Assets से ज्यादा क़र्ज़ लिया है, तब वह ऐसी स्थिति में नहीं होती की वह अपना क़र्ज़ चूका सके।

    ऐसी स्थिति में कंपनीयां insolvency की कगार पर पहुंच सकती है।  

    एक निवेशक के तौर पर हमारा यह जानना बहुत जरुरी है की Insolvency Meaning in Hindi

     

    कंपनी के Insolvent होने से उसके सामान्य शेयर धारक को क्या असर होगा ?

     

    किसी कंपनी के Insolvent हो जाने से उसकी News बहुत जगह फ़ैल जाती है और News के फ़ैल जाने से उस कंपनी के ज्यदातर शेयरधारक उसके शेयर बहुत ज्यादा मात्रा मे बेचने लगते है।

     
    क्यूकी एसी कंपनीओ को बंध भी करना पड़ सकता है।
     
    और अगर किसी कंपनी को बंध करना पड़ा तो सबसे पहले उसकी सभी संपतिया बेच कर उसके सभी लेनदारों को पैसा चुकाया जाएगा फिर उसमे काम करने वाले लोगो को तंख्वाह दी जाएगी और फिर अगर कुछ बचेगा तभी उसके शेयर धारको को।

     

    insolvency meaning in hindi

     

    ऐसे मे हो सकता है, एसी कंपनी के शेयर धारको के पूरे पैसे डूब जाए। इसी डर से लोग एसी कंपनीओ के अंधा-धुंध तरीके से बेचने लग जाए।

    कई बार तो एसी कंपनीओ के शेयर एक ही दिन मे 50 से 70 प्रतिशत भी गिर जाते है। Insolvency Meaning in Hindi

     
    ऐसे में उस कंपनी के शेयर धारक की जिन्होंने उसके शेयर नहीं बेचे है, उन्हें एक ही दिन में बहुत बड़ा नुकसान हो जाता है।
     
    जैसे की पिछले साल मे Jet Airways, Rcom और DHFL जैसी कई कंपनीओ के शेयर धारको के साथ हुआ है।

     
    ऐसा आपके साथ भी हो सकता है, लेकीन अगर आप हमारी इस पोस्ट को पढ़कर समज लेंगे तो आप ऐसी कंपनीओ मे निवेश से बच सकते है।

    FAQs

    1. Insolvency क्या होती है?

      Insolvency का मतलब होता है दिवालियापन की स्थिति मे होना। जब कोई कंपनी लिया गया कर्ज़ चुकाने की स्थिति मे न हो, तो उसे Insolvency की स्थिति कह सकते है।

    2. कंपनी के Insolvency मे आने से शेयर धारको को क्या मतलब?

      किसी कंपनी के Insolvent हो जाने से उसकी News बहुत जगह फ़ैल जाती है और News के फ़ैल जाने से उस कंपनी के ज्यदातर शेयरधारक उसके शेयर बहुत ज्यादा मात्रा मे बेचने लगते है। क्यूकी एसी कंपनीओ को बंध भी करना पड़ सकता है। अगर किसी कंपनी को बंध करना पड़ा तो सबसे पहले उसकी सभी संपतिया बेच कर उसके सभी लेनदारों को पैसा चुकाया जाएगा फिर उसमे काम करने वाले लोगो को तंख्वाह दी जाएगी और फिर अगर कुछ बचेगा तभी उसके शेयर धारको को।

    निष्कर्ष:

    दोस्तों आज हमने Insolvency Meaning in Hindi के बारे में सीखा। उम्मीद करता हु यह जानकारी आपके लिए बहुत उपयोगी साबित होगी। अगर आपके लिए यह जानकारी उपयोगी हो तो आप इस post को अच्छे star की रेटिंग देकर हमे मदद कर सकते है। (Star Rating देने का विकल्प आपको इस पोस्ट मे सबसे ऊपर Photo के नीचे मिलेगा।)

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    By Gaurav

    Gaurav Popat एक निवेशक, ट्रेडर और ब्लॉगर है, जो की शेयर बाज़ार मे बहुत रुचि रखता है। वह साल 2015 से शेयर बाज़ार मे है। पिछले 7 साल मे खुद अलग अलग जगह से सीख कर और अनुभव के आधार पर शेयर बाज़ार और निवेश के विषय मे यहा पर जानकारी देता है।