return on sales kya hai?
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    Return on Sales.

    दोस्तों अब तक Fundamental Analysis के लिए हम बहुत से Ratio के बारे में जान चुके है। जिसका उपयोग अलग अलग चीज़ों को जानने मे लगता है।

    आज हम ऐसे ही एक और Ratio के बारे में जानेंगे।

    यह Ratio है, Return on Sales.

     

    यहाँ पढे :  Return on Equity क्या होती है ? उसका उपयोग क्या समजने के लिए किया जाता है?

     

    Return on Sales क्या होता है ?


    किसी भी कंपनी के Return on Sales का मतलब है, की कंपनी द्वारा की गई हर 100 रुपए की Sale पर उसने कितना मुनाफा कमाया।

    यह Ratio हमें कंपनी की Profitability बताता है।

    मतलब कंपनी सफल तरीके से कितना Profit कमा सकती है।

    यह एक तरह से कंपनी की efficiency का अनुमान देता है।

    इस वजह से ज्यादातर निवेशक इस ratio का तो उपयोग अलग अलग कंपनीओ के विश्लेषण मे करते ही है।

    Return on Sales को कई बार ROS भी कहा जाता है।

    अब जानते है की,

     

    ROS का Formula क्या है ?

    किसी भी कंपनी के Operating Profit को उसकी Net Sales से विभाजित करने पर हमें उस कंपनी का ROS मिलता है।

    return on sales


    ROS को प्रतिशत में दिखाया जाता है।

    जैसे Company A की साल 2018 की Net Sales 200 करोड़ और उसका Operating Profit 80 करोड़ है।

    ऐसे में उसका ROS ऊपर दिए हुए formula के अनुसार कुछ इस तरह गिना जा सकता है।

    ROS = (80 / 200) = 0.40 यानी 40 %.

    मतलब कंपनी A ने साल 2018 में हर 100 रुपए की Sale पर 40 रुपए का मुनाफ़ा कमाया।

    किसी भी कंपनी के Sales और Operating Profit हमे उसके Profit and Loss Statement में मिल जाएंगे।

    इस तरीके से हम किसी भी कंपनी का ROS खोज सकते है।

    अब यह जानते है की,

     

    Return on Sales का उपयोग एक निवेशक के लिए क्या है ?

    एक निवेशक के लिए ROS बहुत उपयोगी है, क्युकी जैसे हमने बात की ROS हमें कंपनी का Profit Margin बताता है।

    इसके जरिए निवेशक एक समान काम करने वाली कंपनीओ के Margin की तुलना कर सकता है, और पता लगा सकता है, की कौनसी कंपनी ज्यादा Margin पर अच्छी Sales कर पा रही है।

    ज़्यदातर कंपनियां अपने व्यापार में या तो Margin ज्यादा रख पाती है, या तो Sales ज्यादा कर पाती है।

    क्युकी ज्यादा Margin रखने पर उनके द्वारा बेचीं जाने वाली Products महंगी हो जाती है, जिस से लोग उस के बदले किसी और कंपनी से वह Products खरीद लेंगे।

    ऐसा होने पर कंपनी की Sales कम हो जाएगी।

    लेकिन कुछ कंपनियां ऐसी होती है, जो बाकी कंपनीओ से ज़्यादा Margin भी रख पाती है, और उनकी Sales भी ज्यादा होती है।

    इसका कारण होता है की उनके जैसी Products बनाने वाली कोई और कंपनी नहीं होती।

    इस लिए वह अपने Products पर अच्छा Margin रख कर भी अच्छी Sales कर लेती है।

    ऐसी कंपनियां ज्यादातर वह होती है, जो बहुत सालो से चल रही होती है, और जिनकी Brand लोगो में मशहूर हो गई होती है।

    ऐसी कंपनीया निवेश के लिए बहुत अच्छी साबित हो सकती है।

    जैसे Apple कंपनी अपनी सभी Products पर बहुत अच्छा Margin भी रखती है, और बहुत अच्छी मात्रा में बेच भी देती है।

    ROS के उपयोग से अलग अलग कंपनीओ की तुलना कर के ऐसी ही कंपनीओ को खोज सकते है।

    इस लिए एक निवेशक के लिए ROS बहुत उपयोगी है।

     

    निष्कर्ष :

    दोस्तों आज हमें सीखा की Return on Sales क्या है ? उसका Formula क्या है ? और यह एक निवेशक के लिए कैसे उपयोगी है ?

    उम्मीद करता हु आपके लिए यह जानकारी उपयोगी साबित होगी। आप इस Return On Sales का उपयोग आपके आगे के निवेश के लिए कंपनियो का विश्लेषण करने मे करेंगे। जिस से आपको अच्छी कंपनियाँ ढूँढने मे आसानी होगी और आप सही कंपनी मे निवेश कर पाएंगे।

    धन्यवाद।

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    By Gaurav

    Gaurav Popat एक निवेशक, ट्रेडर और ब्लॉगर है, जो की शेयर बाज़ार मे बहुत रुचि रखता है। वह साल 2015 से शेयर बाज़ार मे है। पिछले 7 साल मे खुद अलग अलग जगह से सीख कर और अनुभव के आधार पर शेयर बाज़ार और निवेश के विषय मे यहा पर जानकारी देता है।