auditors opinion in hindi

Auditor’s Opinion
पिछली पोस्ट में हमने जाना था की Audit क्या होती है और Auditor कौन होता है ?

आज हम जानेंगे की Auditor’s के अलग अलग Opinion कौनसे है ?

और हम कैसे पता लगा सकते है, की

 

क्या कंपनी के Financial Statements सही है ?


Auditor के Report में उसके द्वारा दिए गए Opinion को समझकर ही हम जान सकते है, की क्या कंपनी के Financial Statements सही है या नहीं।

 

क्या है Auditor’s Opinion ?

Auditor’s Opinion का मतलब है, कंपनी के Financial Statements के बारे में Auditor की राय।

जिसमे उसने की हुई Audit के अनुसार कंपनी के Financial Statement के बारे अपना Opinion देता है।

यह Opinions चार प्रकार के होते है जिनमे

  1. Unqualified Opinion
  2. Qualified Opinion
  3. Adverse Opinion
  4. Disclaimer Opinion सामिल है।

इन सब के बारे में हम एक एक करके जानेंगे।

 

1) Unqualified Opinion :

यह Opinion Auditor द्वारा दिया जाने वाला सबसे सामान्य Opinion है।

जिसका मतलब है, की कंपनी ने जो कोई भी जानकारी अपने Financial Statements में दी है, वह सब कुछ सही है।

इस लिए आपको ज्यादातर कंपनीओ के Report में यही Opinion मिलेगा।

यह Opinion देने के लिए Auditor’s Opinion में निचे DMart के Auditor’s Report में दी हुई Line लिखी होती है।

In our View Company’s Financial Statements Presents true and fair view of Operations and Transaction of the Company

 

Auditor's Opinion

एक निवेशक के तौर पर अगर हमें किसी कंपनी के Audit Report में ऐसा लिखा हुआ मिले तो हमें समझना चाहिए की कंपनी ने अपने Financial Statements में सही जानकारी दी है।

और उन Statements पर हम भरोसा कर के अपने निवेश के बारे में सोच सकते है।

 

2) Qualified Opinion :

इस Opinion का मतलब है, कंपनी ने अपने Financial Statements में कुछ समस्याए है।

लेकिन वह इतनी बड़ी नहीं है, जिनकी असर कंपनी के Financial Statements पर हो।

अगर Audit Report में निचे दी गई Line या उसके जैसी लाइन लिखी हुई हो तो वह Qualified Opinion होता है।

In our View Except from this thing Company’s Financial Statements Presents true and fair view of Operations and Transaction of the Company


ऊपर के शब्दों में Except from this thing के बदले कंपनी ने किस चीज़ में गलती की है उसके बारे में लिखा होता है।

जैसे अगर कंपनी ने किसी Assets के Depreciation में कुछ गलती की हो तो निचे दी गई line लिखी हो सकती है।

In our View, Except from the Effect of Company’s Incorrect Determination of Depreciation Expenses Financial Statements Presents true and fair view of Operations and Transaction of the Company

इसमें जिस चीज़ के बारे में लिखा हो उस चीज़ पर कंपनी को Improvement करने की जरुरत होती है।

 

3) Adverse Opinion :

अगर किसी कंपनी के statements उस की सच्ची स्थिति से अलग हो तो Auditor Adverse Opinion देता है।

जिसका मतलब है, कंपनी ने दिए हुए Statements को सही नहीं माना जा सकता।

क्युकी कंपनी ने उनमे बहुत सी गलत जानकारी दी है।

अगर किसी कंपनी के Report में अगर आपको यह Opinion देखने मिले तो उस कंपनी से तो दूर रहने में ही भलाई है।

इस Opinion में Auditor के द्वारा निचे दी गई Line लिखी होती है।

“In our View, because of so and so reason, the Company’s Financial Statements do not Represent true and fair view of Operation and Transaction of the Company”

 

4) Disclaimer Opinion :


अगर Auditor को Audit करने के लिए कंपनी सभी जानकारिया पूरी तरह से न दे तो वह कोई Opinion नहीं देता।

क्युकी उसे पूरी जानकारिया ही नहीं दी गई है इस लिए वह Audit ही नहीं कर सकता।

ऐसी स्थिति में Auditor Disclaimer Opinion देता है।

जिसमे निचे दी गई Line लिखी होती है।

Because of Lack of Information Provided to us, We can not Audit the financial statements of the Company

अगर आपको किसी कंपनी के Report में यह Opinion दिखे तब भी उस से दूर रहने में ही भलाई है।

क्युकी शायद कंपनी नुकसान में हो फिर भी उसने Profit में दिखाया हो।

और अगर वह पूरी जानकारी देगी तो सच सामने आ जाएगा।

तो दोस्तों यह थी Auditor’s Opinion के बारे में जानकारी।

अब तो आप समझ गए होंगे की Auditor ‘s Report को पढ़ना कितना जरुरी होता है।

इस लिए आगे से आप भी बिना Audit Report पढ़े किसी भी कंपनी में निवेश न करे।

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By Gaurav

Gaurav Popat एक निवेशक, ट्रेडर और ब्लॉगर है, जो की शेयर बाज़ार मे बहुत रुचि रखता है। वह साल 2015 से शेयर बाज़ार मे है। पिछले 7 साल मे खुद अलग अलग जगह से सीख कर और अनुभव के आधार पर शेयर बाज़ार और निवेश के विषय मे यहा पर जानकारी देता है।