buyback tax news hindi

    बड़ा झटका। 

    Budget 2019 से शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनीओ को मिला बड़ा झटका। 

    मोदी 2.0 की सरकार का आज यानि 5 जुलाई 2019 के दिन पहला बजट देश की वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामन ने पेश किया।

    इस बजट में बहुत घोसणाए की गई लेकिन एक ऐसी घोसणा की गई जीस से शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनीओ को मिला बहुत बड़ा झटका। 

    यह था Buyback Tax की शुरुआत।

    Buyback Tax के बारे में जान ने से पहले हम Buyback के बारे में थोड़ी जानकारी ले लेते है।

     

    Buyback क्या है ?

    Buyback एक प्रक्रिया है।

    जिसमे कंपनिया अपने शेयर धारको को लाभ देने के लिए अपने शेयर,  बाजार से ज्यादा दाम पर शेयर धारको से खरीदती है।

    यानि अगर बाजार में कंपनी ABC ने अपने 10 लाख शेयर बाजार में जारी किए है, और उसका एक शेयर का दाम 100 रुपए है।

    अगर कंपनी Buyback की घोषणा करती है, तो वह ज्यादातर संजोगो में बाज़ार में चल रहे एक शेयर के दाम से कुछ प्रतिशत ज्यादा दाम पर शेयर खरीदती है।

    इस तरह कंपनी ABC उसके 1000 शेयर 110 रुपए प्रति शेयर के दाम से अपने शेयर धारको से खरीदती है।

    जिस से शेयर धारक अपने शेयर बाजार से ज्यादा दाम पर बेच सकते है।

    इस पूरी प्रक्रिया को ‘Buyback‘ कहा जाता है।

     

    क्या है Buyback Tax ?

     

    अब तक Buyback की प्रक्रिया में बाजार में लिस्टेड कंपनीओ को कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है।

     

    लेकिन आज पेश किए गए Budget 2019 में बाजार में लिस्टेड कंपनीओ द्वारा किए जाने वाले Buyback पर भी टैक्स लगा दिया गया है।

     

    यानि अब से अपने शेयर Buyback करने वाली कंपनीओ को टैक्स देना होगा।

     

    इस टैक्स को Buyback Tax कहा गया है।

     

    क्यों लाया गया Buyback Tax ?

     

    इस Buyback Tax की शुरुआत करने के पीछे की वजह Tax की आय बढ़ाना है।

     

    कोई भी कंपनी अपने शेयर धारको को दो तरह से सीधे लाभ देती है,

     

    1) Dividend दे कर  और 2) Buyback कर के।

     

    यहाँ से पढ़े : Dividend क्या होता है ?

     

    अगर कोई कंपनी अपने शेयर धारको को Dividend देती है, तो उसे Dividend Distribution Tax देना पड़ता है, जो कंपनी को सीधे ही भरना पड़ता है।

     

    लेकिन अगर वही कंपनी अपने शेयर Buyback करे तो उस कंपनी को कोई टैक्स नहीं चुकाना पड़ता था।

     

    इस वजह से ज्यादातर कंपनिया अपने शेयर धारको को लाभ देने के लिए Buyback ही करती थी।

     

    जाहिर है इसकी वजह से वह Dividend Distribution Tax (DDT) देने से बच जाती थी।

     

    इस तरीके से कंपनीओ को DDT से बचते रोकने के लिए Buyback Tax की शुरुआत की गई है।

     

    यानि अब कंपनिया Buyback के रस्ते का उपयोग कर के टैक्स देने से बच नहीं सकती।
     

    कितना लगेगा Buyback Tax ?

     

    आज हुई Budget 2019 की पेश कर्सी में Buyback Tax को 20% रखा गया है।

     

    जबकि Dividend Distribution Tax 15% है और अगर साथ में लगने वाले Education Cess और  Surcharge को जोड़ेंगे तो 20.36 % के करीब होता है।

     

    यानि अब कंपनियां चाहे Dividend दे या फिर Buyback करे वह टैक्स देने से बच नहीं सकती।
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    By Gaurav

    Gaurav Popat एक निवेशक, ट्रेडर और ब्लॉगर है, जो की शेयर बाज़ार मे बहुत रुचि रखता है। वह साल 2015 से शेयर बाज़ार मे है। पिछले 7 साल मे खुद अलग अलग जगह से सीख कर और अनुभव के आधार पर शेयर बाज़ार और निवेश के विषय मे यहा पर जानकारी देता है।